MP School Winter Vacation: कड़ाके की ठंड के बीच, मध्य प्रदेश में छुट्टियों का ऐलान, नई डेट जारी

MP School Winter Vacation: MP School Winter Vacation को लेकर मध्य प्रदेश में सर्द मौसम के चलते कई जिलों में स्कूलों की छुट्टियों और समय में बड़े बदलाव किए गए हैं। बढ़ती ठंड, घना कोहरा और लगातार चल रही शीतलहर ने छोटे बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को खतरे में डाल दिया है। इसके मद्देनजर राज्य के प्रमुख शहरों जैसे भोपाल, इंदौर, उज्जैन और मंदसौर में प्रशासन ने स्कूलों को लेकर नए आदेश जारी किए हैं। कहीं छुट्टियों का ऐलान हुआ है तो कहीं स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है। MP School Winter Vacation इस बार सिर्फ एक प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि एक एहतियाती कदम है जिससे बच्चों को ठंड के प्रकोप से बचाया जा सके। सर्द हवाओं और गिरते तापमान ने जनजीवन को प्रभावित किया है, ऐसे में यह कदम बेहद जरूरी माना जा रहा है।

MP School Winter Vacation को लेकर प्रशासन की सख्ती

MP School Winter Vacation के तहत इस बार जिला प्रशासन ने सिर्फ सामान्य सूचना जारी करने के बजाय सख्त फैसले लिए हैं। राज्य में सर्दी का असर दिसंबर के अंतिम हफ्ते से ही दिखने लगा था, लेकिन जनवरी की शुरुआत के साथ ही यह और तेज हो गया। हालात ऐसे बन गए हैं कि सुबह के समय तापमान 3 डिग्री सेल्सियस से नीचे जा रहा है। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में विजिबिलिटी 20 मीटर तक सीमित हो गई है, जिससे ट्रैफिक व्यवस्था भी बिगड़ गई है।

ऐसे में छात्रों को सुबह स्कूल भेजना मुश्किल हो गया है। सबसे ज्यादा असर छोटे बच्चों पर हो रहा है, जो अभी अपनी इम्युनिटी डेवेलप कर रहे होते हैं। यही कारण है कि प्रशासन ने कई जिलों में नर्सरी से लेकर आठवीं कक्षा तक के लिए छुट्टियां घोषित की हैं। कहीं स्कूल बंद कर दिए गए हैं तो कहीं समय बदला गया है ताकि सुबह के समय बच्चों को घर से बाहर न निकलना पड़े। यह निर्णय न केवल बच्चों की सुरक्षा बल्कि उनके स्वास्थ्य के लिए भी अहम है।

भोपाल में स्कूल अब 9:30 बजे के बाद ही खुलेंगे

राजधानी भोपाल में बढ़ती ठंड के बीच प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। सभी नर्सरी से लेकर 8वीं कक्षा तक के स्कूलों के समय में बदलाव कर दिया गया है। अब ये स्कूल सुबह 9:30 बजे के बाद ही खुलेंगे। यह आदेश सभी सरकारी, प्राइवेट, सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड के स्कूलों पर लागू होगा।

भोपाल में कई इलाकों में सुबह के समय तापमान 4 डिग्री से नीचे जा चुका है। इससे पहले स्कूल सुबह 8 बजे शुरू हो जाते थे, लेकिन अब कम विजिबिलिटी और कोहरे की वजह से बच्चों को सुबह निकलना बेहद जोखिम भरा हो गया है। ऐसे में स्कूलों का समय बदलना एक जरूरी फैसला माना जा रहा है।

उज्जैन में कक्षा 5वीं तक के लिए छुट्टी का ऐलान

महाकाल की नगरी उज्जैन में भी ठंड ने अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया है। जिला प्रशासन ने यहां नर्सरी से लेकर कक्षा 5वीं तक के बच्चों के लिए छुट्टी का आदेश जारी किया है। यह छुट्टी फिलहाल कुछ दिनों के लिए घोषित की गई है लेकिन हालात को देखते हुए आगे और विस्तार किया जा सकता है।

उज्जैन में भी तापमान गिरकर 5 डिग्री के आसपास पहुंच गया है। साथ ही सुबह के समय कोहरे की चादर पूरे शहर को ढक लेती है। इन परिस्थितियों में छोटे बच्चों का स्कूल जाना असुरक्षित हो सकता है। प्रशासन ने यह फैसला बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए लिया है।

इंदौर में तीन दिन की छुट्टी घोषित

इंदौर में प्रशासन ने नर्सरी से लेकर कक्षा 8वीं तक के बच्चों के लिए तीन दिन का अवकाश घोषित कर दिया है। कलेक्टर शिवम वर्मा द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि सभी सरकारी, गैर-सरकारी, सीबीएसई और आईसीएसई स्कूलों पर यह आदेश लागू होगा।

इंदौर में भी तापमान तेजी से गिर रहा है और सुबह के समय कोहरा इतना घना हो गया है कि सड़क पर कुछ भी दिखाई नहीं देता। ऐसे में छोटे बच्चों को स्कूल भेजना अभिभावकों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। तीन दिन की छुट्टी से बच्चों को ठंड से राहत मिल सकेगी।

मंदसौर में दो दिन का अवकाश

मंदसौर में तो हालात और भी अधिक गंभीर हैं। यहां तापमान 3 डिग्री से भी नीचे पहुंच गया है और शीतलहर का असर तेज है। इस स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने दो दिन का अवकाश घोषित किया है। यह आदेश नर्सरी से लेकर कक्षा 8वीं तक के सभी स्कूलों के लिए है।

मंदसौर में सर्दी का असर सबसे ज्यादा देखा जा रहा है। खेतों में बर्फ की परत जम रही है और सुबह-सुबह गलन इतनी ज्यादा है कि लोग घरों से निकलने से डर रहे हैं। प्रशासन ने इस मौसम को देखते हुए पहले ही अलर्ट जारी कर रखा था और अब स्कूलों की छुट्टी का आदेश उसी का हिस्सा है।

नौगांव सबसे ठंडा, तापमान 2.5 डिग्री पर

मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले का नौगांव इस समय सबसे ठंडा स्थान बना हुआ है। यहां तापमान गिरकर 2.5 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है। यह आंकड़ा सामान्य से बहुत नीचे है और बच्चों के लिए खतरे की घंटी मानी जा रही है।

कोहरा इतना घना है कि ट्रेनों की आवाजाही भी प्रभावित हो रही है। दिल्ली की ओर से आने वाली अधिकांश ट्रेनें देरी से चल रही हैं। ऐसे में सर्दी की स्थिति और भी गंभीर हो गई है। नौगांव के साथ-साथ भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और रीवा जैसे शहरों में भी कोहरे का असर दिखाई दे रहा है।

MP School Winter Vacation: प्रशासन द्वारा लागू किए गए फैसलों की प्रक्रिया

मध्य प्रदेश में MP School Winter Vacation के तहत स्कूलों में छुट्टियों और समय बदलाव की प्रक्रिया कुछ चरणों में की गई:

1. मौसम विभाग की चेतावनी:
प्रशासन ने सबसे पहले मौसम विभाग से ठंड और कोहरे को लेकर रिपोर्ट मांगी। रिपोर्ट में अगले 15-20 दिनों तक शीतलहर और गिरते तापमान की चेतावनी दी गई।

2. जिला स्तर पर समीक्षा बैठक:
हर जिले के कलेक्टर ने अपने स्तर पर स्कूल संचालकों और अधिकारियों के साथ बैठक कर हालात का जायजा लिया।

3. स्कूलों की विजिट:
कई जिलों में प्रशासन की टीमों ने सुबह स्कूलों का निरीक्षण किया और बच्चों की उपस्थिति, यूनिफॉर्म, परिवहन व्यवस्था जैसी स्थितियों का आकलन किया।

4. आदेश जारी करना:
स्थिति को गंभीर देखते हुए संबंधित जिलों में समय परिवर्तन और अवकाश के आदेश तत्काल जारी किए गए।

5. पालन सुनिश्चित करना:
अंत में सभी स्कूलों को आदेशों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। स्थानीय मीडिया और सोशल मीडिया के जरिए आदेशों की सूचना अभिभावकों तक पहुंचाई गई।

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