UP School Winter Vacation: उत्तर भारत में ठंड ने अपना विकराल रूप दिखाना शुरू कर दिया है, जिससे जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो रहा है। UP School Winter Vacation को लेकर इस बार सरकार ने पहले से ही ठोस कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में 31 दिसंबर 2025 से लेकर 14 जनवरी 2026 तक कक्षा 1 से 12वीं तक के सभी स्कूल बंद रहेंगे। UP School Winter Vacation का यह निर्णय सभी बोर्ड के स्कूलों – यूपी बोर्ड, सीबीएसई, और आईसीएसई – पर लागू होगा। लगातार गिरते तापमान और कोहरे के कारण छात्रों की सुरक्षा को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। स्कूलों के बंद रहने के साथ-साथ जिला प्रशासन को रैन बसेरा, अलाव और कंबल जैसी सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए भी निर्देशित किया गया है।
UP School Winter Vacation की बढ़ती अवधि और उसका असर
इस वर्ष की सर्दी ने उत्तर प्रदेश के लगभग हर जिले को अपनी चपेट में ले लिया है। सुबह के समय स्कूल जाना, खासकर छोटे बच्चों के लिए मुश्किल भरा हो गया है। UP School Winter Vacation को लेकर सरकार का यह निर्णय छात्रों की सेहत और सुरक्षा को देखते हुए एक जरूरी कदम साबित हुआ है। 14 जनवरी तक की छुट्टियां बच्चों को गंभीर ठंड और बीमारियों से बचाएंगी।
पिछले कुछ वर्षों से राज्य सरकार ने शीतकालीन अवकाश को एक तय शैक्षणिक नीति के रूप में अपनाया है। इसके तहत हर साल दिसंबर के अंतिम सप्ताह से लेकर मकर संक्रांति तक स्कूलों को बंद रखा जाता है। इस बार भी मौसम विभाग की चेतावनियों को ध्यान में रखते हुए छुट्टियों की तारीख को पहले ही तय कर लिया गया था, जिससे स्कूलों को तैयारी का समय मिल सके।
UP School Winter Vacation के आदेश के पीछे की प्रक्रिया
1. मौसम विभाग की चेतावनी:
राज्य के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री से भी नीचे चला गया है। घना कोहरा और शीतलहर की भविष्यवाणी के चलते मौसम विभाग ने पहले ही अलर्ट जारी कर दिया था।
2. मुख्यमंत्री स्तर पर समीक्षा बैठक:
सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के हालात की समीक्षा करते हुए स्कूलों को बंद करने का निर्णय लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए।
3. शिक्षा विभाग की ओर से अधिसूचना जारी:
माध्यमिक शिक्षा निदेशक और बेसिक शिक्षा निदेशक ने संयुक्त रूप से सभी जिलों को आदेश भेजकर स्कूलों को 31 दिसंबर से 14 जनवरी तक बंद रखने का आदेश दिया।
4. जिला स्तर पर क्रियान्वयन:
जिलों के डीएम और शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि आदेश का पालन सुनिश्चित कराया जाए और सभी निजी व सरकारी स्कूल इसका पालन करें।
5. राहत उपायों का आदेश:
सरकार ने यह भी निर्देश दिया है कि हर जिले में सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलवाए जाएं और बेसहारा लोगों को कंबल उपलब्ध कराए जाएं।
UP School Winter Vacation के दौरान ठंड का कहर
राज्य के 34 से अधिक जिलों में घना कोहरा छाया हुआ है। लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, गोरखपुर, बरेली जैसे बड़े शहरों में दृश्यता शून्य तक पहुंच गई है। पछुआ हवाओं की रफ्तार 10 से 15 किमी प्रति घंटे की बनी हुई है, जिससे गलन में और इज़ाफा हुआ है।
मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट देखने को मिल सकती है। अगले 72 घंटों में प्रदेश भर में दिन और रात के तापमान में 3 से 4 डिग्री तक गिरावट आने का अनुमान है। कई जिलों में हल्की बारिश और ओस ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है।
UP School Winter Vacation में शासन की तैयारी और राहत कार्य
मुख्यमंत्री ने सभी जिलों के प्रशासन को निर्देशित किया है कि कोई भी व्यक्ति खुले में न सोए। रैन बसेरों में गर्म बिस्तर, कंबल और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
स्कूलों के प्रबंधन को आदेश दिए गए हैं कि छुट्टियों के दौरान किसी भी प्रकार की शैक्षणिक गतिविधि न कराई जाए। वहीं अभिभावकों को भी सलाह दी गई है कि वे बच्चों को इस दौरान गर्म कपड़ों में रखें और बाहर जाने से बचाएं।
UP School Winter Vacation का छात्रों और अभिभावकों पर प्रभाव
UP School Winter Vacation का सबसे बड़ा लाभ यह है कि बच्चों को सर्दी की चपेट में आने से बचाया जा सकेगा। खासकर छोटे बच्चों में इस मौसम में वायरल बुखार, खांसी-जुकाम और निमोनिया जैसी बीमारियों का खतरा सबसे अधिक होता है।
छुट्टियों के दौरान छात्र घर पर रहकर अपनी पढ़ाई ऑनलाइन माध्यम या स्वयं अध्ययन से जारी रख सकते हैं। अभिभावक भी इस फैसले से संतुष्ट नजर आ रहे हैं क्योंकि इससे बच्चों की सेहत सुरक्षित रहेगी।
किन जिलों में UP School Winter Vacation का असर सबसे अधिक
उत्तर प्रदेश के जिन जिलों में UP School Winter Vacation के तहत स्कूल बंद हैं, उनमें शामिल हैं:
लखीमपुर खीरी, बाराबंकी, हरदोई, बरेली, पीलीभीत, बलिया, कुशीनगर, बस्ती, सिद्धार्थनगर, मुरादाबाद, शाहजहांपुर, अयोध्या, सीतापुर, कानपुर नगर, अमेठी और गाजीपुर।
इन सभी जिलों में शीत दिवस घोषित किया गया है और यहां तापमान सामान्य से काफी नीचे दर्ज किया गया है।